चंडीगढ़ , अप्रैल 19 -- अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, त्याग और सेवा के महत्व पर जोर दिया गया। इस दौरान सरकार की ओर से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 5 मई को कुरुक्षेत्र से नांदेड़ साहिब के लिए विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की गई, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीयूष मुनि जी महाराज ने कहा कि अक्षय तृतीया केवल एक तिथि नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और दान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सच्ची आध्यात्मिकता बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और आत्मिक जागृति में निहित है।
उन्होंने भगवान ऋषभदेव की तपस्या का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने 12 महीने तक कठोर साधना की। उस समय लोगों को भिक्षा देने की सही विधि का ज्ञान नहीं था, इसलिए वे उन्हें कीमती वस्तुएं भेंट करते थे, जिन्हें उन्होंने स्वीकार नहीं किया। अंततः उनके पोते श्रेयांश कुमार ने गन्ने का रस अर्पित कर उनकी तपस्या पूर्ण करवाई।
मुनि जी ने इस प्रसंग के माध्यम से निस्वार्थ दान और समय पर सेवा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया का पुण्य कभी क्षीण नहीं होता, इसलिए यह दिन शुभ कार्यों के लिए विशेष माना जाता है।
कार्यक्रम में इन्द्री विधायक रामकुमार कश्यप, करनाल विधायक जगमोहन आनंद और असंध विधायक योगेंद्र राणा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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