देवरिया, अप्रैल 18 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अक्षय तृतीया के दिन सम्भावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए शनिवार को जन जागरण अभियान चलाया गया।
आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि देवरिया सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस के अवसर पर अक्षय तृतीया के दिन होने वाले सम्भावित बाल विवाह की रोक थाम , प्रचार प्रसार एवं बाल विवाह पर प्रतिबंध लगायें जाने हेतु जन जागरण कार्यक्रम चलाया गया।कार्यक्रम में मिनू जायसवाल मनोवैज्ञानिक वन स्टाप के द्वारा बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करायें जाने के दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपए जुर्माना एवं 2 वर्ष के दंड का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि शादी के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष एवं लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह करना या करवाना संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है।बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन लाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस 112, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (सीएमपीओ) बाल कल्याण समिति, जिला मजिस्ट्रेट, न्यायालय,जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिया जा सकता है।
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