अकोला , सितंबर 22 -- महाराष्ट्र में अकोला जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए अलग रह रही पत्नी और नौ वर्षीय बेटी की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या करने वाले व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तेजवंत सिंह संधू की अदालत ने देशमुख फैल इलाके के निवासी मनीष किसनराव म्हात्रे (35) को 24 अप्रैल 2024 को पत्नी रश्मि म्हात्रे (30) और बेटी माही म्हात्रे (9) की कुल्हाड़ी से हत्या करने का दोषी पाया ।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, म्हात्रे पारिवारिक विवादों के कारण पिछले लगभग पांच वर्षों से पत्नी से अलग रह रहा था और उसके चरित्र पर संदेह करता था। यह घटना उस समय सामने आई जब आरोपी खुद रामदासपेठ थाने पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इसके बाद पुलिस तुरंत हनुमान बस्ती स्थित मकान पर पहुंची, जहां महिला और बच्ची के शव खून से लथपथ हालत में मिले। घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी, एक लकड़ी का डंडा और खून से सना चाकू बरामद किया गया। जांचकर्ताओं ने बताया कि ये हत्याएं 24 अप्रैल तड़के की गई थीं।
मामले में हत्या का केस दर्ज कर तत्कालीन रामदासपेठ थाना प्रभारी मनोज बहुरे द्वारा विस्तृत जांच की गई, जिन्होंने बाद में अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चिकित्सा विशेषज्ञों और अन्य प्रमुख गवाहों सहित कुल 14 लोगों की गवाही कराई।
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