प्रयागराज , मई 28 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार गुरुवार को अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर की ईदगाह समेत सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में तय समय पर सुबह छह बजे से नमाज शुरू हुई और नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सड़कों पर नमाज की मनाही के चलते चौक जामा मस्जिद समेत कई मस्जिदों में दो शिफ्टों में नमाज अदा कराई गई, ताकि अधिक से अधिक लोग जमात के साथ नमाज पढ़ सकें। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कुर्बानी का सिलसिला शुरू किया। शहर में हजारों बकरों की कुर्बानी दी गई।
बकरीद के मद्देनजर प्रयागराज में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और आरएएफ ने विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च किया। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि पुलिस अधिकारी लगातार पैदल गश्त कर रहे थे। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी, मस्जिद कमेटियों और पेश इमामों ने लोगों से अपील की कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर कुर्बानी न करें। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने यह भी कहा कि कुर्बानी से जुड़े वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर साझा न किए जाएं तथा ऐसी कोई पोस्ट न की जाए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
जामा मस्जिद में पहली नमाज सुबह सात बजे अदा की गई, जिसकी इमामत मौलाना सैय्यद रईस अख्तर हबीबी ने की। दूसरी जमात सुबह साढ़े आठ बजे हुई, जिसकी पेश इमामत मौलाना सैय्यद असगर अली इस्माइली ने की। प्रयागराज ईदगाह में बकरीद की मुख्य नमाज सुबह नौ बजे अदा की गई। नमाज के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग ईदगाह पहुंचे थे। ईदगाह और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ड्रोन निगरानी के साथ आसपास की छतों पर भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
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