अमृतसर , अक्टूबर 12 -- श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को प्रवेश नहीं दिया गया।
सचिवालय के मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के निर्देश पर ग्यासपुरा को उनके पूर्व में सिख हस्तियों और धार्मिक संस्थाओं के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण रोका गया।
उन्होंने ग्यासपुरा के इस आरोप को खारिज किया कि उन्हें जातिगत भेदभाव के कारण प्रवेश से वंचित किया गया।
श्री सिंह ने बताया कि दिल्ली के गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब से जुड़ी घटना के संबंध में शिकायत सौंपने के लिए आप के कुछ विधायक और नेता सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय पहुंचे थे। सचिवालय के प्रभारी बगीचा सिंह ने विधायकों से शिकायत पत्र प्राप्त किया और उन्हें आश्वासन दिया कि इसे उचित कार्रवाई के लिए जत्थेदार के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल के साथ आए लुधियाना जिले के पायल क्षेत्र से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को सचिवालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
मीडिया से बातचीत में श्री सिंह ने कहा कि सचिवालय में प्रवेश संबंधी निर्णय किसी जाति के आधार पर नहीं, बल्कि ग्यासपुरा की पूर्व की टिप्पणियों के मद्देनजर लिया गया। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब के द्वार चारों दिशाओं से आने वाले लोगों के लिए खुले हैं और हर व्यक्ति को दर्शन करने का अधिकार है। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि ग्यासपुरा ने पहले श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मानित जत्थेदार और सिख संस्थाओं के खिलाफ अपमानजनक, अत्यंत आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में आप विधायक दलवीर सिंह, जो बाबा बकाला साहिब से विधायक हैं, और मेहल कलां से विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी भी शामिल थे। उनके अनुसार, ये दोनों विधायक उसी समुदाय से संबंधित हैं जिससे ग्यासपुरा आते हैं, लेकिन उन्हें सचिवालय में प्रवेश से नहीं रोका गया। जसकरण सिंह ने इसे इस बात का आधार बताया कि ग्यासपुरा के खिलाफ कार्रवाई का कारण जाति नहीं, बल्कि उनका कथित पूर्व आचरण था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्यासपुरा ने सोमवार को भी श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि ग्यासपुरा को सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए और कथित तौर पर गलत तथा भ्रामक प्रचार बंद करना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि किसी केंद्रीय सिख धार्मिक संस्थान के संबंध में कथित तौर पर गलत बयान देना और भ्रामक प्रचार करना निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि सिख धर्म में जातिगत भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है और ग्यासपुरा स्वयं अमृतधारी सिख हैं, इसलिए उनके द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जाना और भी निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के प्रवेश से जुड़े विवाद पर जसकरण सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज की ओर से कहा कि गुरुद्वारों की अपनी निर्धारित धार्मिक मर्यादा है, जिसका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। गुरुद्वारों के भीतर राजनीतिक गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों की अनुमति नहीं है, जब तक वे गुरमत दर्शन और सिख सिद्धांतों पर आधारित किसी संघर्ष का हिस्सा न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन से संबंधित बैनर या तख्तियां लेकर गुरुद्वारे में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
श्री सिंह ने कहा कि यदि पुलिस गुरुद्वारे के परिसर में दाखिल हुई, तो उसे रोकने की जिम्मेदारी गुरुद्वारा प्रबंधन की थी। उन्होंने इस घटना के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गुरुद्वारे के भीतर निर्धारित धार्मिक मर्यादा बनाए रखना कमेटी का दायित्व है। उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब को इस घटना के संबंध में अन्य शिकायतें और पत्र भी प्राप्त हुए हैं। इन सभी की जांच कर उचित विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि गुरुद्वारों के द्वार सभी के लिए खुले हैं, लेकिन वहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। गुरुद्वारों का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, धरनों या विरोध प्रदर्शनों के मंच के रूप में नहीं किया जा सकता।
श्री सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक गतिविधियों को गुरुद्वारों से दूर रखें। उन्होंने सिख नेताओं से भी मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के बीच अनावश्यक बयानबाजी से बचने की अपील की।
श्री सिंह ने बताया कि सचिवालय के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर से बाहर मीडिया के समक्ष यह स्पष्ट करने को कहा था कि किसी भी विधायक के साथ जातिगत भेदभाव नहीं किया गया। हालांकि, उनके अनुसार, निज्जर ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह स्पष्टीकरण नहीं दिया। जसकरण सिंह ने इसे भी निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि विधायकों के इस दौरे के लिए सरकार की ओर से पहले से कोई औपचारिक समय नहीं लिया गया था। सचिवालय को 12 अक्टूबर को सुबह लगभग 9.30 बजे अमृतसर के जनसंपर्क अधिकारी इंद्रजीत सिंह हरपुरा ने फोन के माध्यम से दौरे की जानकारी दी थी। उनके मुताबिक, सरकार ने आने वाले विधायकों की सूची भी पहले से उपलब्ध नहीं करवाई थी।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की सूची पहले ही भेज दी होती और उसमें ग्यासपुरा का नाम शामिल होता, तो संबंधित अधिकारियों को उनके प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने के निर्णय के बारे में पहले ही सूचित किया जा सकता था। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब का सचिवालय धार्मिक मर्यादा और संस्थागत सम्मान के अनुरूप कार्य करता है तथा बंगला साहिब की घटना से संबंधित शिकायतों पर भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जाएगा।
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