होशियारपुर , सितंबर 18 -- पंजाब में होशियारपुर के बरियां कलां गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा कथित रूप से क्षतिग्रस्त किये जाने के विरोध में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
बसपा कार्यकर्ता और अंबेडकर समर्थक ग्रीन व्यू पार्क में एकत्र हुए और वहां से जिला प्रशासनिक परिसर (डीएसी) तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और बाद में केंद्र तथा पंजाब सरकार के पुतले जलाये।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बसपा पंजाब अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य अवतार सिंह करीमपुरी ने दावा किया कि बरियां कलां की घटना पंजाब में अंबेडकर की प्रतिमा से जुड़ी इस तरह की 13वीं घटना है। उन्होंने आम आदमी पार्टी नीत पंजाब सरकार और भाजपा नीत केंद्र सरकार पर ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया तथा बरियां कलां मामले में शामिल लोगों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।
श्री करीमपुरी ने प्रशासन से अपने खर्च पर बरियां कलां में डॉ. अंबेडकर की नई प्रतिमा स्थापित करने तथा प्रतिमाओं और दलित महापुरुषों के स्मारकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। बसपा विधायक नछत्तर पाल ने कहा कि इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जायेगा।
जिला प्रशासनिक परिसर में अतिरिक्त उपायुक्त निधि कुमुद बंबाह और पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन एवं पीबीआई) संदीप सिंह मंड ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गयी हैं। उन्होंने सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने तथा सोमवार तक बरियां कलां में नई प्रतिमा स्थापित करने का भी आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद श्री करीमपुरी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की , हालांकि उन्होंने कहा कि बरियां कलां में 13 दिन तक शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि बसपा कार्यकर्ता बरियां कलां के 13 किलोमीटर के दायरे में आने वाले विभिन्न गांवों से प्रतिदिन पैदल मार्च निकालकर लोगों को लामबंद करेंगे और धरना स्थल पर पहुंचेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि 13 दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पार्टी आगे की कार्रवाई की घोषणा करेगी।
पुलिस के अनुसार, बरियां कलां गांव में अनाज मंडी के पास स्थापित अंबेडकर की प्रतिमा को 14 और 15 सितंबर की दरम्यानी रात अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त किया। घटना में प्रतिमा के उठे हुए हाथ की एक उंगली क्षतिग्रस्त हो गयी थी।
इस संबंध में चब्बेवाल थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस टीमें सीसीटीवी फुटेज और घटना का कथित वीडियो खंगाल रही हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने वाला एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस इस वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
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