ग्वालियर , अप्रैल 14 -- बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर ग्वालियर सेंट्रल जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे नौ बंदियों को रिहा किया गया, जिनमें एक महिला बंदी भी शामिल है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार रिहा किए गए सभी बंदी हत्या जैसे गंभीर मामलों में दोषी थे और 14 वर्ष से अधिक समय से सजा काट रहे थे। सभी एक ही प्रकरण में दोषी पाए गए थे। उनके अच्छे आचरण तथा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के आधार पर शासन द्वारा उनकी शेष सजा माफ की गई।
जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के नामों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
रिहाई के बाद बंदियों ने अपने परिजनों से मुलाकात की, इस दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले और लंबे समय बाद मिलन पर परिजनों ने एक-दूसरे को गले लगाया। रिहाई से पूर्व जेल प्रशासन द्वारा सभी बंदियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट किए गए। कार्यक्रम में जेल अधिकारी एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
जेल अधीक्षक विदित सरवईया ने बताया कि बंदियों का आचरण संतोषजनक रहा, जिसके आधार पर शासन ने उनकी शेष सजा माफ करने का निर्णय लिया। रिहा किए गए बंदियों में सुरेश उर्फ सज्जन, पंचम जाटव, आशीष शर्मा, जमुना अहिरवार, छोटे एवं छोटया माली, अजय तोमर, मोहर सिंह, महेंद्र सिंह तथा लीलाबाई शामिल हैं।
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