अंबिकापुर , सितंबर 23 -- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज परिसर में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी लंबित 17 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार रात कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि समाधान नहीं निकलने की स्थिति में 24 सितंबर से ओपीडी सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया है।

जूनियर डॉक्टर लंबे समय से छात्रवृत्ति बढ़ाने सहित 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इससे पहले भी इन मांगों को लेकर हड़ताल की गई थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। डॉक्टरों को उम्मीद थी कि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों पर कार्रवाई होगी, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने फिर शांतिपूर्ण विरोध शुरू कर दिया है।

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में उन्हें मिलने वाली छात्रवृत्ति कई अन्य राज्यों की तुलना में कम है। मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान डॉक्टरों पर काम का दबाव काफी अधिक रहता है, इसलिए छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।

छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को हाल ही में सात दिनों के लिए टाल दिया गया था। रविवार को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जे.डी.ए.) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा की थी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों के समाधान के लिए सात दिन का समय मांगा था।

स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद जे.डी.ए. ने तत्काल हड़ताल पर नहीं जाने और इस अवधि में नियमित ड्यूटी तथा मरीजों को चिकित्सा सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया था। हालांकि संगठन ने मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने की बात कही थी।

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