रांची , अप्रैल 03 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

इस मामले को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

24 मार्च को विष्णुगढ़ क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 1 अप्रैल को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर केस सुलझाने का दावा किया। पुलिस के अनुसार, बच्ची की मां ने अपने बेटे की बीमारी ठीक करने के लिए कथित रूप से अंधविश्वास में आकर अपनी ही बेटी की बलि दे दी।

हालांकि, इस खुलासे पर अंबा प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने पुलिस की थ्योरी को "चंदा मामा वाली कहानी" करार देते हुए कहा कि इसमें कई बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर मृतका का भाई किस गंभीर या लाइलाज बीमारी से पीड़ित था, जिसके लिए ऐसी भयावह घटना को अंजाम दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस अष्टमी के शुभ मुहूर्त का हवाला दिया जा रहा है, वह घटना की तारीख से मेल नहीं खाता।

सुश्री प्रसाद प्रसाद ने आरोप लगाया कि पूरी कहानी झारखंड के डीजीपी तदाशा मिश्रा के इशारे पर गढ़ी गई है, जो कई नए सवाल खड़े करती है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें मुख्य आरोपी भीम राम के भाजपा से संबंध नहीं होने की बात कही गई थी।

सुश्री प्रसाद ने कुछ तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि आरोपी कई भाजपा नेताओं के साथ नजर आया है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे यह मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित