अमृतसर , अगस्त 14 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने अंबाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सिख श्रद्धालुओं पर हरियाणा पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने हरियाणा सरकार से सिख नेताओं के साथ बातचीत कर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने तथा टकराव की स्थिति पैदा न करने की अपील की।
जत्थेदार ने शुक्रवार को कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर हरियाणा सरकार सिख समुदाय के साथ बातचीत कर रही थी, वहीं दूसरी ओर अचानक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि घटना में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा सहित कई सदस्य एवं कर्मचारी, सिख श्रद्धालु और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
जत्थेदार गड़गज्ज ने जगदीश सिंह झींडा से फोन पर बातचीत कर उनका तथा घायल सिखों का हालचाल जाना और मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।
जत्थेदार ने कहा कि यदि सरकार चाहती तो बातचीत के माध्यम से इस मामले का शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सकता था। जब सरकार और सिख प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चल रही थी, उस दौरान अचानक बल प्रयोग किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई के कारणों की जांच की मांग की। उन्होंने यह संभावना भी जताई कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने और पुलिस को कार्रवाई के लिए उकसाने के उद्देश्य से कुछ शरारती तत्व जानबूझकर प्रदर्शन में शामिल किए गए हों। उन्होंने इस पहलू की भी गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की।
श्री गड़गज्ज ने कहा कि यदि हरियाणा सरकार ने श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब के प्रकाश गुरुपर्व के दौरान गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में श्रद्धालुओं को वाहन से कुचलकर गंभीर रूप से घायल करने के आरोपियों के खिलाफ सिख भावनाओं के अनुरूप समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की होती तो मौजूदा स्थिति पैदा होने से बच सकती थी। उन्होंने हरियाणा सरकार से सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए गिरफ्तार युवाओं को तत्काल रिहा करने और गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में श्रद्धालुओं को वाहन से कुचलकर घायल करने के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिख नेताओं के साथ बातचीत के माध्यम से पूरे मामले का समाधान करना चाहिए, न कि टकराव की स्थिति पैदा करनी चाहिए।
उन्होंने हरियाणा के सिख समुदाय से एकजुट और संगठित रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संघर्ष को अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से ही आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सिखों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में किसी भी शरारती तत्व को शामिल होने का अवसर न मिले।
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