नागपुर , जुलाई 16 -- शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि विपक्षी दल केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का उसके वर्तमान स्वरूप में विरोध करेंगे और यदि इसमें 'इंडिया' गठबंधन की ओर से सुझाए गये संशोधनों को शामिल किया जाता है, तो वे अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

श्री राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस विधेयक पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, क्योंकि इसे अभी तक संसद में पेश नहीं किया गया है।

उनकी यह टिप्पणी राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के उस बयान के एक दिन बाद आयी है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि यदि सभी राज्यों में सीटों का आवंटन समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ा दिया जाये, तो विपक्ष इस कानून का विरोध नहीं करेगा।

सुश्री सुले की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुये श्री राउत ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन विधेयक के अंतिम प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही इस पर कोई सामूहिक निर्णय लेगा। उन्होंने कहा, "विधेयक अभी तक पटल पर नहीं रखा गया है। एक बार जब इसे पेश कर दिया जायेगा, तो सभी विपक्षी दल मिलकर इस पर चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। यदि हमारे द्वारा सुझाए गये संशोधनों को स्वीकार कर लिया जाता है, तो हम अपने रुख पर विचार कर सकते हैं।"प्रस्तावित कानून का उद्देश्य लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना और नये सिरे से परिसीमन प्रक्रिया शुरू करना है। श्री राउत ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए एकत्र किये गये दान में कथित हेराफेरी के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) के नियोजित 'राम रक्षा' विरोध प्रदर्शन की आलोचना करने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी पलटवार किया।

श्री फडणवीस ने टिप्पणी की थी कि राम रक्षा स्तोत्र के ज्ञान के बिना ऐसा आंदोलन शुरू करना अनुचित है। इस आलोचना को खारिज करते हुए श्री राउत ने कहा कि असली मुद्दा मंदिर के फंड में कथित हेराफेरी का है, न कि यह कि विपक्ष को स्तोत्र का पाठ करना आता है या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से 550 करोड़ रुपये का दान हड़प लिया गया है और दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में लगभग 13,000 करोड़ रुपये लूटे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार इन आरोपों का जवाब देने के बजाय इनसे क्यों बच रही है।

श्री राउत ने भाजपा द्वारा 22 जुलाई को श्री फडणवीस का जन्मदिन उसी स्थान पर मनाने, जहां पर शिवसेना (यूबीटी) ने अपना कार्यक्रम तय किया है, पर स्थिति स्पष्ट करते हुये कहा कि वहां श्री उद्धव ठाकरे की कोई सार्वजनिक सभा निर्धारित नहीं थी।

उन्होंने कहा कि पार्टी मंदिर प्रशासन से चर्चा के बाद या तो मंदिर के सामने या उससे जुड़ी सड़क पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। वहां श्री ठाकरे एक अस्थायी मंच से समर्थकों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री को इस आंदोलन में शामिल होने का न्योता देते हुये श्री राउत ने कहा कि यह आयोजन स्थल श्री फडणवीस के आवास के पास ही है। यह निमंत्रण केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक राम भक्त के रूप में दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें आरएसएस पदाधिकारियों और अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

श्री राउत ने यह मांग भी की कि राम मंदिर के फंड में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज को भी शामिल किया जाये।

उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना पर आरोप लगाया कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (एसपी) के बीच मतभेदों की अफवाहें फैला रही है। श्री राउत ने यह भी कहा कि उन्होंने सुश्री सुले से बात की है और वह दिन में बाद में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान अपने बयानों पर स्थिति स्पष्ट करेंगी। नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुये श्री राउत ने कहा कि उनकी स्थिति बिगड़ती जा रही है और यह मामला पूरे देश के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

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