तिरुवनंतपुरम , जुलाई 30 -- केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) के स्नातक की उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों से कहा है कि वे अपनी जानकारी और अनुसंधान का इस्तेमाल देश और समाज की तरक्की के लिए करें।

आईआईएसटी के वालियामाला परिसर में हुए 14वें दीक्षांत समारोह में श्री अर्लेकर ने कहा कि देश का भविष्य बनाने वाले युवा प्रतिभा के साथ होना उनके लिए सिर्फ़ उपाधिक और पदक देने से कहीं ज़्यादा गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों की नींव उनके माता-पिता और शिक्षकों के त्याग तथा समर्पण पर आधारित है। उन्होंने स्नातकों से जीवनभर अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता एवं ऋणस्वीकार की भावना बनाए रखने का आग्रह किया।

श्री अर्लेकर ने कहा कि आईआईएसटी में हासिल की गयी जानकारी सिर्फ़ निजी कामयाबियों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। हर स्थानक की ज़िम्मेदारी है कि वह समाज और देश को कुछ वापस दे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मकसद सिर्फ़ नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले तैयार करना है और स्टार्टअप इस लक्ष्य को पाने का एक अहम ज़रिया हैं।

राज्यपाल ने कहा कि 'आसमान ही सीमा है' वाली आम कहावत अब पुरानी हो गयी है, क्योंकि युवा वैज्ञानिकों के सपनों और अनुसंधान के लिए अब अंतरिक्ष भी कोई सीमा नहीं रह गया है। देश की अंतरिक्ष यात्रा ( जो विक्रम साराभाई की दूरदर्शी कोशिशों से शुरू हुई थी) अब ऐसी कामयाबियों का सफ़र बन गई है जो दुनिया के लिए एक मिसाल हैं।

उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक में भारत की तरक्की ने देश का आत्मविश्वास बढ़ाया है, और विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में युवा वैज्ञानिक अहम भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे आज ही तय करें कि 2047 तक विकसित देश बनने की भारत की यात्रा में वे क्या योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुसंधान ही समाज को असल फ़ायदा पहुंचाया जाना चाहिए जिसमें वैज्ञानिक उत्कृष्टता के साथ-साथ इंसानियत और सामाजिक ज़िम्मेदारी का भी ध्यान रखा गया हो।

श्री अर्लेकर ने कहा कि देश को ऐसे नवाचार की उम्मीद है जो लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाएं, न कि ज्ञान सिर्फ़ प्रयोगशाला तक ही सीमित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में मिले मौकों का इस्तेमाल देश की सेवा के लिए करने का संकल्प लें।

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