ईटानगर , जून 05 -- अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के. टी. परनाइक ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी सतर्कता और अभियानों के लिए हमेशा तैयार रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

उत्तर पूर्वी परिषद के मुख्य सत्र में भाग लेने शिलांग पहुँचे राज्यपाल ने असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा के साथ बैठक के दौरान अरुणाचल प्रदेश में सीमा प्रबंधन, क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती समुदायों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान, राज्यपाल ने भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा करने और राज्य के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व स्थिरता बनाए रखने में असम राइफल्स की समर्पित भूमिका की सराहना की। उन्होंने कठिन रास्तों और खराब मौसम के बावजूद देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में बल की कार्यकुशलता, प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों की भी तारीफ की।

राज्यपाल ने विभिन्न नागरिक कल्याण कार्यक्रमों, मानवीय कार्यों और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ाने के लिए भी असम राइफल्स की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों ने दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और साथ ही सुरक्षा बलों व स्थानीय निवासियों के बीच के रिश्ते को मजबूत किया है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बदलते सुरक्षा परिदृश्य को रेखांकित करते हुए, श्री परनाइक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और उभरती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्कता और अभियानों के लिए हर समय तैयार रहने को कहा।

सीमा पर बाड़ लगाने के काम की धीमी रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने इस परियोजना को समय पर पूरा करने के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया और अधिकारियों से बाड़ लगाने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन को प्रभावी बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बेहद जरूरी है।

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