श्रीगंगानगर , सितम्बर 08 -- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 60 वाँ अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मंगलवार को उत्साहपूर्वक मनाया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एडवोकेट सुप्रिमा चितलांगिया रही। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया। इस अवसर पर साक्षरता अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सर्वेक्षक, साक्षरता प्रभारी, प्रशिक्षु एवं नवसाक्षरों खंड समन्वयक को प्रोत्साहित करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों एवं जीवन के उच्च लक्ष्यों को समझने और उन्हें प्राप्त करने का सशक्त माध्यम है। शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास, स्वावलंबन एवं बेहतर अवसरों के द्वार खोलती है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति अपनी प्रतिभा एवं क्षमता का विकास करके उच्च लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है और विभिन्न उच्च पदों पर पहुँचने के अवसर प्राप्त कर सकता है।

जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी हरविंद्र सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। साक्षरता कार्यक्रम को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सर्वेक्षक, प्रेरक, स्वयंसेवी एवं प्रशिक्षुओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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