रायपुर , जुलाई 05 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कृषि मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी में रविवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित पैनल चर्चा में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका, चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता, मार्कफेड के प्राधिकृत अधिकारी शशिकांत द्विवेदी तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह ने किया।

इस अवसर पर बताया गया कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर यह विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई।

चर्चा के दौरान विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में सहकारिता क्षेत्र से अपेक्षित योगदान पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने वनांचल क्षेत्रों में लघु वनोपज सहकारी समितियों की भूमिका, दुग्ध सहकारिता के विस्तार, महिला सशक्तिकरण में दुग्ध सहकारी संस्थाओं के योगदान, ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से रोजगार सृजन तथा नाबार्ड, अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की।

वक्ताओं ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, किसानों की आय में वृद्धि, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति देने के लिए सहकारिता से जुड़ी सभी संस्थाओं के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

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