जालंधर , जून 18 -- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में वज्र कोर ने अपने कार्यक्षेत्र में विभिन्न योग संबंधी गतिविधियों का आयोजन कर शारीरिक फिटनेस, मानसिक सुदृढ़ता और समग्र स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
योग दिवस से पूर्व गुरुवार को आयोजित कार्यक्रमों के तहत सैन्य स्टेशनों, यूनिट परिसरों और सामुदायिक स्थलों पर योग सत्र आयोजित किये गये, जिनमें सैनिकों, उनके परिजनों, संतानों, पूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने योग की समावेशी भावना और सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए इसकी उपयोगिता को प्रदर्शित किया।
वज्र कोर के अधिकारियों ने बताया कि योग एक ऐसी प्राचीन और कालजयी पद्धति है, जो शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन को मजबूत बनाती है। इसी उद्देश्य से सैनिकों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। इसके साथ ही लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम तथा मार्गदर्शित योग सत्र भी आयोजित किये गये।
इस बार योग समारोहों को एक विशेष आयाम देते हुए पंजाब के विभिन्न सैन्य और ऐतिहासिक स्थलों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किये गये। इन आयोजनों के माध्यम से अनुशासन, साहस और आंतरिक शक्ति जैसे मूल्यों को पंजाब की वीरता और बलिदान की समृद्ध विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया। आयोजकों ने कहा कि ये कार्यक्रम इस बात की याद दिलाते हैं कि वास्तविक शक्ति मन, शरीर और आत्मा के संतुलन से प्राप्त होती है।
अभियान के तहत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, आर्मी पब्लिक स्कूलों और सामुदायिक संगठनों ने भी योग प्रदर्शनियों, जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य गतिविधियों के माध्यम से भागीदारी निभाई। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना और योग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है।
वज्र कोर ने कहा कि वह योग को केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सकारात्मक पद्धति के रूप में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है, चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है और एक स्वस्थ तथा सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देता है।
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