उदयपुर , जून 21 -- राजस्थान में उदयपुर के अधिकारिता विभाग और आरोग्य सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को विशेष योग एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

आरोग्य जिला नशा मुक्ति केंद्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपचाराधीन मरीजों ने सामूहिक योगाभ्यास करके स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान मरीजों को जीवन में दोबारा कभी नशा न करने की शपथ दिलायी गयी। उपस्थित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि योग, प्राणायाम और ध्यान व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं और नशे की लत से बाहर निकलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मबल और आध्यात्मिक जागृति का भी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उसे तनाव, अवसाद और नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में सहायक सिद्ध होता है।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर न केवल स्वयं को स्वस्थ रखा जा सकता है, बल्कि समाज को भी नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य मरीजों में मानसिक एवं शारीरिक सुदृढ़ता विकसित करके उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और आत्मविश्वास के साथ नयी जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रेरित करना था।

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