दरभंगा , अगस्त 12 -- अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के संगीत एवं नाट्य विभाग के तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने बुधवार को विभागीय मंच पर जनगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय "अलग परिस्थितियां, समान आकांक्षाएं" रहा।कार्यक्रम में विविध सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं की चुनौतियों, आकांक्षाओं, उम्मीदों और एकजुटता को जनगीत, संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगीत एवं नाट्य विभाग के संकायाध्यक्ष सह विभागाध्यक्ष लावण्य कीर्ति सिंह काव्या के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र और संस्थान की वास्तविक ताकत है। युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा, रचनात्मकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने तथा उनके बौद्धिक एवं कलात्मक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न स्थानीय एवं सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रासंगिक जनगीत प्रस्तुत किए गए। संगीत, नृत्य और रंगमंच के समन्वय से तैयार बहुआयामी प्रस्तुतियों ने दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया।
प्रस्तुतियों में युवाओं की रचनात्मकता, सामूहिक कार्य भावना और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता की प्रभावी झलक दिखाई दी। कार्यक्रम के बाद छात्रों एवं दर्शकों के बीच संवाद और प्रतिक्रिया सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में विभागीय संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएं तथा विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में विनोद कुमार विश्वकर्मा, विजय कुमार, रौशन कुमार, उत्पल झा, प्रिया कुमारी, ज्योति कुमारी, एकता भारती, देव नंदन कुमार, त्रिलोकी पांडेय, आकाश गगन, अंशु गुप्ता, रविंद्र कुमार साफी, आदित्य आनंद और सूरज कुमार ने प्रस्तुतियां दीं।
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