पटना , अगस्त 12 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना मरीजों को और अधिक सटीक, सुरक्षित और भरोसेमंद डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में डिपार्टमेंट ऑफ बायोकेमिस्ट्री, एम्स पटना द्वाराआइएसओ 15189 पर चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो 11 अगस्त से शुरू होकर 14 अगस्त 2026 तक चलेगा।
आइएसओ 15189 मेडिकल लैबोरेटरीज में गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता सुनिश्चित करने वाला अंतरराष्ट्रीय मानक है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य लैब से जुड़े विशेषज्ञों और कर्मचारियों को ऐसे मानकों की जानकारी देना है जिससे हर सैंपल की जांच में गुणवत्ता, हर रिपोर्ट में सटीकता और हर मरीज के लिए बेहतर भरोसा सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, डॉक्यूमेंटेंशन, रिस्क मैनेजमेंट, क्वालिटी एश्योरेंस, क्वालिटी इंडिकेटर्स, पर्सनल कंपीटेंसी, प्रोसेस कंट्रोल और एक्रेडिटेशन रिक्वायरमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में विशेष जोर इस बात पर है कि गुणवत्ता केवल किसी प्रमाणपत्र या एक्रेडिटेशन तक सीमित न रहे बल्कि लैब के हर दिन, हर प्रक्रिया और हर जांच का हिस्सा बने।
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