रांची , सितंबर 25 -- झारखंड के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने आज भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए चुनावी प्रक्रिया में कथित हेराफेरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
श्री अंसारी ने आज जामताड़ा में आरोप लगाया कि "चंदा चोरी के बाद अब मोदी सरकार वोट चोरी पर उतर आई है।" पूर्व सांसद ने कहा कि देश के लोकतंत्र और जनता के मताधिकार के साथ जिस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।
श्री अंसारी ने कहा कि "चोरी, धोखेबाजी और फरेब में मोदी सरकार ने महारत हासिल कर ली है और लोकतंत्र का मजाक बनाकर रख दिया गया है।" उन्होंने कहा कि लोगों को उनके वोट देने के संवैधानिक अधिकार से दूर करने की कोशिश की जा रही है, ताकि मोदी सरकार तानाशाह की तरह सत्ता पर काबिज रह सके।
उन्होंने कहा कि पूर्व के कई राज्यों के चुनाव परिणामों पर अगर नजर डाली जाए तो यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि आखिर किस प्रकार मतदाताओं के नाम काटे गए और चुनावी प्रक्रिया के जरिए सत्ता परिवर्तन को प्रभावित किया गया। हाल ही में पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से लोगों का अपने ही वोट के अधिकार पर विश्वास कमजोर होता जा रहा है।
पूर्व सांसद ने एसआईआर अभियान को तत्काल रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एसआईआर को जिस तरह से लागू किया जा रहा है, उससे आम मतदाता के मन में अनेक आशंकाएं पैदा हो रही हैं। भाजपा सरकार द्वारा एसआईआर को एक ऐसे हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके जरिए मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है।
श्री अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार की कठपुतली हैं और जैसा मोदी सरकार उन्हें नचाती है, वैसा ही वह नाचते हैं।" पूर्व सांसद ने चुनावी हेराफेरी के अपने आरोपों की जांच की मांग करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी होनी चाहिए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर देश की जनता के हित में फैसला होना चाहिए।
श्री अंसारी ने कहा कि "देश में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी, जैसी स्थिति आज भाजपा ने पैदा कर दी है।" भाजपा ने लोगों की भावनाओं और सेंटीमेंट के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि "जब देश की जनता भाजपा को पसंद नहीं करती, तो फिर भाजपा सत्ता में कैसे बनी हुई है?"श्री अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा एक-एक कर राज्यों को अपने कब्जे में लेने का प्रयास कर रही है और कई जगहों पर उसे सफलता भी मिल रही है। फुरकान अंसारी ने कहा कि इस पूरी कवायद में एसआईआर को सबसे बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
श्री अंसारी ने कहा कि देश की जनता में भाजपा के खिलाफ लगातार गुस्सा और आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि "अगर ये लोग बाज नहीं आए तो आने वाले दिनों में हमारे देश में भी बांग्लादेश की तरह व्यापक जन-आंदोलन हो सकता है। लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की तरफ बढ़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में मोदी जी को देश छोड़ने तक की नौबत आ सकती है। देश की स्थिति उसी दिशा में जाती हुई दिखाई दे रही है।"श्री अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने लोगों को बहुत ठगा है और जात-पात के मुद्दों में जनता का ध्यान भटकाकर सत्ता का सुख भोगती रही है। लेकिन अब सरकार का असली रूप जनता के सामने आ चुका है और आने वाले समय में देश एक बड़े विद्रोह की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि "जब देश की जनता एकजुट हो जाती है तो बड़ी से बड़ी सत्ता को भी चुनौती दी जा सकती है। हमने अंग्रेजों को देश से भगा दिया था, फिर मोदी सरकार क्या चीज है।"श्री अंसारी ने अंत में कहा कि "पाप का घड़ा अब भर चुका है।" उन्होंने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने, एसआईआर अभियान को रद्द करने और पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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