रांची , जून 16 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ऑर्गन टिश्यू डोनेशन का विषय महत्वपूर्ण है।

इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। इसके कानूनी पहलुओं को भी जानने होंगे। ऑर्गन टिश्यू डोनेशन के लिए राज्य सरकार भी पहल कर रही है। अंगदान कई अन्य व्यक्तियों के जीवन की नई शुरूआत बन सकती है। लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ ला सकता है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों को मिलकर कार्य करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री सोरेन आज बारियातू रोड स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से आयोजित बेस्ट प्रैक्टिस इन ऑर्गन टिश्यू डोनेशन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन कर संस्थान ने एक अच्छी पहल की है। स्वस्थ समाज के निर्माण को लेकर राज्य सरकार भी गंभीरता से कार्य कर रही है। अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु उपरांत उनके परिवारवालों से बातचीत की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उतरदायित्व का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली है। चिकित्सा जगत में बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक ऑपरेशन हो रहे हैं। लिवर, किडनी का प्रत्यारोपण हो रहा है। झारखंड सरकार भी स्वस्थ झारखंड निर्माण के दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन के कंट्री हेड ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ० विजय कुमार मिश्रा, कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ० बी० कश्यप सहित गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।

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