नयी दिल्ली , जुलाई 13 -- दिल्ली दंगों के दौरान खुफिया ब्यूरो (आईबी ) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में यहाँ की एक अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सोमवार को दोषी करार दिया। अदालत ने हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 के तहत अपराधों के लिए दोषी करार दिया।अदालत ने सजा पर बहस के लिए तारीख तय नहीं की है।
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अदालत के फ़ैसले का स्वागत किया है । उन्होंने सवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी के कई राष्ट्रविरोधी तत्वों से गहरे संबंध रहे हैं, जो समय-समय पर उजागर होते रहे हैं। वर्ष 2020 के दंगों में ताहिर हुसैन इसका एक प्रमुख उदाहरण है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के दंगों का एक अन्य आरोपी खालिद सैफी भी इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के दौरान पूर्व अरविंद केजरीवाल की टीम के साथ कार्य कर चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 तक, जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने फटकार लगाई, तब तक अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली दंगों के एक अन्य आरोपी उमर खालिद के मामलों में भी अत्यधिक नरम रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान पर वर्ष 2015 से 2024 के बीच, विशेष रूप से ओखला में हुए सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान, मुस्लिम भीड़ को भड़काने के आरोप बार-बार लगते रहे हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार श्री केजरीवाल पर ताहिर हुसैन, अमानतुल्लाह खान, उमर खालिद और खालिद सैफी जैसे हिंदू-विरोधी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं का संरक्षण करने का आरोप लगाती रही है।
उन्होंने कहा आज आईबी के युवा अधिकारी श्री अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद दिल्ली भाजपा अरविंद केजरीवाल से ताहिर हुसैन एवं अन्य आरोपियों को संरक्षण देने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करती है।
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