नैनीताल , जुलाई 20 -- उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत के मामले में उच्च न्यायालय आगामी 10 अगस्त को सुनवाई करेगा।

मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य समेत तीनों को कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को अंकिता हत्याकांड का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

पूर्व भाजपा नेता के पुत्र और ऋषिकेश के वनंतरा रिसाॅर्ट के स्वामी पुलकित आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 और 354(ए) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है जबकि रिसाॅर्ट के प्रबंधक सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302 और 201 के तहत आजीवन कारावास और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया है।

तीनों अभियुक्तों की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई है। अपील पर सुनवाई लंबित है। इसी बीच अभियुक्तों की ओर से इसी साल जमानत की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र पेश किया गया। जमानत प्रार्थना पत्र पर सोमवार को न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से कहा गया कि अपील और पेपर बुक की प्रति उन्हें नहीं मिल पायी है। इसलिए उन्होंने अदालत से पेपर बुक उपलब्ध कराने के साथ अदालत से आपत्ति पेश करने के लिए समय की मांग की।

अदालत ने मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें पेपर बुक की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए। साथ ही सुनवाई के लिए आगामी 10 अगस्त की तिथि तय कर दी। अब जमानत प्रार्थना पत्र पर तय तिथि पर सुनवाई होगी।

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