नैनीताल , अगस्त 19 -- उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को उच्च न्यायालय से जमानत नहीं मिल पाई है। अदालत ने बुधवार को तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अंकिता हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के जमानत प्रार्थना पत्र पर आज न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ सुनवाई हुई।
आरोपियों की ओर से कहा गया कि वह निर्दोष हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से उन्हें फंसाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी गई है। तथ्य और सुबूत उनके खिलाफ हैं। व्हाट्सएप संदेश और कॉल डिटेल अभियोजन की ओर से सत्यापित नहीं की गई हैं।
आज भी इस मामले में लंबी सुनवाई हुई। अधिवक्ता अरविंद वशिष्ठ की ओर से खंडपीठ के समक्ष तीनों आरोपियों के बचाव में लंबी दलील और तर्क पेश किए गए। सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से आरोपियों की ओर से रखे गए तर्कों का जोरदार ढंग से विरोध किया गया।
अंत में खंडपीठ ने इस मामले को गंभीर मानते हुए तीनों आरोपियों की जमानत प्रार्थना पत्रों को खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में अंकिता हत्याकांड सामने आया था। अंकिता ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिसाॅर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर तैनात थी। वह 18 सितम्बर, 2022 को यकायक लापता हो गयी थी। कई दिन बाद 24 सितम्बर को उसका शव ऋषिकेश चीला बैराज से बरामद हुआ था।
हत्या का आरोप वनंतरा रिसार्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर लगाया गया था। अंत में कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पिछले साल 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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