नयी दिल्ली , अप्रैल 26 -- उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष तथा पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप के नेतृत्व में रविवार को न यहां जंतर-मंतर पर अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई की कथित लचर पैरवी के विरोध में सत्याग्रह किया जिसमें श्री प्रताप तथा उनके कई साथियों को हिरासत में लिया गया।
श्री प्रताप ने बताया कि उन्हें संसद मार्ग थाने ले जाकर करीब चार घंटे तक रखा गया। इस दौरान उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और कहा कि वे शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, इसके बावजूद उन्हें जबरन रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अनुमति प्रदर्शन और प्रतिबंधित क्षेत्र में एकत्र होने का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
श्री प्रताप ने बाद में प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अंकिता भंडारी मामले में न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए और मामले में कथित कमजोर पैरवी के खिलाफ आवाज उठाई।
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