देहरादून , अक्तूबर 15 -- उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अपराध एवं कानून व्यवस्था, वी. मुरुगेशन ने गुरूवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।
डॉ. मुरुगेशन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती अंकिता भंडारी के साथ हुई दुखद घटना में पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। पुलिस की टीमों ने आपसी समन्वय से घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था।
उनका यह वक्तव्य ऐसे समय पर आया है जब अंकिता के माता पिता नयी दिल्ली में इंडिया गेट के पास बुधवार को धरने पर बैठ गए थे। उनका कहना है कि मामले में एक वीआईपी का नाम आया है लेकिन उसे हाल ही में राज्यपाल के पद पर नियुक्त कर दिया। उनकी मांग है कि जांच पूरी होने तक ऐसे व्यक्ति को संवैधानिक पद नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गुरूवार तड़के, अंकिता के माता पिता को हिरासत में ले लिया था लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया, ताकि प्रकरण की गहन एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि एसआईटी ने प्रकरण की जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक एवं भौतिक साक्ष्यों का गहनता से संकलन किया। इसके अतिरिक्त अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्टों एवं गवाहों के बयानों सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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