नई दिल्ली, मार्च 19 -- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो गई है। इस बार का संवत्सर कई मायनों में खास है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस साल 12 नहीं, बल्कि 13 महीने होंगे। ज्येष्ठ माह में अधिकमास लगने के कारण पूरा संवत्सर 13 महीने का रहेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार इस संवत्सर का नाम 'रौद्र' है, जो अपने आप में बदलाव और तेज घटनाओं का संकेत देता है।13 महीने का क्यों है यह साल- विक्रम संवत 2083 में अधिकमास लग रहा है। यह अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा। अधिकमास को धार्मिक कामों, पूजा-पाठ और दान के लिए खास माना जाता है। इसी वजह से इस साल धार्मिक गतिविधियां भी ज्यादा देखने को मिलेंगी। राजा बृहस्पति, मंत्री मंगल का क्या मतलब- इस साल के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल हैं। बृहस्पति को ज्ञान, शिक्षा,...