नई दिल्ली।, जुलाई 19 -- ISRO Mission Vikram 1: मिशन आगमन के तहत विक्रम-1 रॉकेट की सफलता के पीछे इसरो के दो पूर्व वैज्ञानिकों का जुनून अहम है। पवन चंदाना और नागा भरत डाका की दस साल की मेहनत की बदौलत ही अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने ये कामयबी हासिल की है। स्काईरूट के शुरू होने के बाद वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण कंपनी पर सकंट के बादल गहरा गए। इसके बावजूद दोनों वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी और पूरी शिद्दत से अपने सपने को साकार करने में जुटे रहे। ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल ने कंपनी में निवेश के लिए सबसे पहले भरोसा जताया। कंपनी ने 5.1 और छह करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई और इसके बाद कंपनी अपने रास्ते पर आगे बढ़ चली। स्काईरूट कंपनी के सीईओ पवन चंदाना आईआईटी खड़गपुर से पढ़े हैं। इसरो में रहते हुए देश के सबसे शक्तिशा...