विकासनगर, अक्टूबर 27 -- Vikasnagar News: राम-सीता विवाह की खुशियों से गूंज रही अयोध्या में कैकेयी के दो वरदानों ने ऐसा घटनाक्रम बदला कि राजमहल से लेकर रामभक्तों में उदासी छा गई। राजा दशरथ की वचनबद्धता और भगवान श्रीराम के त्याग का यह भावुक प्रसंग सेलाकुई के 52 बीघा मैदान में चल रही श्रीरामलीला के चौथे दिन मंचित किया गया। राम के वनवास और सीता-लक्ष्मण के उनके साथ जाने के दृश्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। राम-सीता विवाह के बाद अयोध्या में उत्सव का माहौल था, लेकिन मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकेयी कोप भवन में चली गईं। उन्होंने राजा दशरथ से पूर्व में मिले दो वरदान मांग लिए। पहले वरदान में भरत के लिए राजगद्दी और दूसरे में श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठे, लेकिन रघुकुल की मर्यादा निभाने क...