नई दिल्ली, मई 9 -- वैदिक पंचांग के अनुसार, 16 मई 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या पर वट सावित्री का व्रत रखा जाएगा। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष यानी बरगद की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन तथा सौभाग्य की कामना करती हैं। वट वृक्ष को अमर और अजर माना जाता है, इसलिए इसकी पूजा से पति को दीर्घायु और परिवार को स्थिरता प्राप्त होती है।वट सावित्री व्रत का महत्व यह व्रत सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा पर आधारित है। सावित्री ने अपने पति सत्यवान की मृत्यु के बाद यमराज से उन्हें वापस दिलाने के लिए अपनी बुद्धि और सत्य का उपयोग किया था। इसी प्रेरणा से महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया यह व्रत पति की आयु बढ़ाता है, वैवाहिक सुख देता है और घर में सकारात्मक ऊ...