नई दिल्ली, मई 15 -- इस साल वट सावित्री व्रत 16 मई 2026, शनिवार को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि माता सावित्री ने इसी दिन अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लिए थे। तभी से महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। इस बार वट सावित्री व्रत के दिन शनिश्चरी अमावस्या और शनि जयंती का भी खास संयोग बन रहा है। ज्योतिष में इसे बहुत शुभ माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान करने से शुभ फल मिल सकते हैं।वट सावित्री व्रत 2026 तिथि पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई की सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 17 मई की रात 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर व्रत 16 मई, शनिवार को रखा जाएगा। व्रत रखने वाली महिलाएं 17 मई की सु...