नई दिल्ली, मई 15 -- अखंड सौभाग्य की कामना से सुहागिनें वट सावित्री व्रत करती हैं। यह ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से अमावस्या तिथि तक चलता है। कई जगह पूर्णिमा पर भी यह व्रत किया जाता है।पूजन सामग्री में सावित्री सत्यवान की मूर्तियां, धूप, दीप, घी, बांस का पंखा, लाल कलावा, सुहाग का सामान, कच्चा सूत, बरगद का फल, जल भरने के लिए कलश और थाल में सजाने को अन्य सामग्री की इस व्रत में जरूरत होती है। इस साल यह व्रत कब है और कैसे इस व्रत में पूजा करनी चाहिए., इस आर्टिकल में आप इसे ही पढ़ेंगे।वट सावित्री व्रत कैसे करें, पुराणों में क्या लिखी है विधि इस व्रत की विधि जो पुराणें में बताई गई है, उसके अनुसार कहा जाता है कि यह व्रत सौभाग्य की इच्छारखने वाली स्त्री को पवित्र होकर तीन दिन के लिए सावित्री-व्रत का नियम ग्रहण करना चाहिए । अगर तीन दिन उपवास रह...