नई दिल्ली, मार्च 15 -- वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व है। हर दिशा किसी ग्रह या देवता से जुड़ी होती है और उसका प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। सही दिशा में कार्य करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जबकि गलत दिशा में कार्य करने से कष्ट, रोग, आर्थिक हानि और तनाव बढ़ सकता है। भोजन और शयन जैसी रोजमर्रा की क्रियाओं में दिशा का ध्यान रखने से स्वास्थ्य, आयु, धन और मानसिक शांति प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इन दोनों क्रियाओं के लिए शास्त्र-सम्मत दिशाएं और उनके लाभ।भोजन करने की सही दिशा और लाभ वास्तु और आयुर्वेद के अनुसार, भोजन की दिशा व्यक्ति की कामना पर निर्भर करती है।पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से आयु और आरोग्य की प्राप्ति होती है। पूर्व सूर्य की दिशा है, जो जीवन-ऊर्जा देती है। रोगी व्यक्ति को पूर्व दिशा में भोजन कराने से तेजी से...