नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- घर बनवाते समय लोग वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हैं। मान्यता है कि अगर घर बनवाते समय वास्तु के कुछ नियमों का पालन करते हैं, तो घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रह सकती है। इसी तरह घर का मुख्य द्वार विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। इसलिए मेन गेट बनवाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लेकिन बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि पश्चिम मुखी घर कैसा होता है। चलिए इससे जुड़े वास्तु नियम जानते हैं।पश्चिम मुखी घर कैसा होता है? वास्तु शास्त्र में दिशाओं का खास महत्व बताया गया है, इसलिए मुख्य द्वार की दिशा चुनते समय सावधानी बरतनी चाहिए। मान्यता है कि घर का मुख्य द्वार उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में होना सबसे शुभ होता है। लेकिन बहुत से लोगो...
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