नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- सनातन धर्म में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। इस व्रत से पापों का नाश होता है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साल 2026 में वरुथिनी एकादशी 13 अप्रैल को है, लेकिन इस बार इस तिथि पर राज पंचक भी शुरू हो रहा है। पंचक लगने के कारण लोगों के मन में इसके प्रभाव को लेकर कई सवाल है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।वरुथिनी एकादशी 2026 पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की वरुथिनी एकादशी तिथि 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रात 1:16 बजे शुरू होगी और 14 अप्रैल 2026 को रात 1:08 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 13 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। पारण का समय: 14 अप्रैल 2026 को स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.