वाराणसी, अक्टूबर 28 -- Varanasi News: वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आलू की खेती में पहली बार 'कुफरी ख्याति' प्रजाति कुफरी बादशाह और बहार जैसे अन्य बीजों को टक्कर देगी। हिमाचल प्रदेश के कुफरी स्थित आलू अनुसंधान संस्थान ने यह अगैती प्रजाति तैयार की है। यह अन्य प्रजातियों की अपेक्षा कम समय में उगती है और इसकी पैदावार भी लगभग 25 फीसदी ज्यादा होती है। इसमें झुलसा रोग होने की आशंका भी काफी कम रहती है। पैदावार बढ़ाने के लिए जिला उद्यान विभाग को इस बार आलू के दोगुना बीजों का आवंटन किया गया है। जनपद में हर साल औसतन 1260 हेक्टेयर में आलू की खेती की जाती है। यहां उत्पादन 240 कुंतल प्रति हेक्टेयर है। आराजी लाइन, सेवापुरी, काशी विद्यापीठ, पिंडरा, बड़ागांव, चिरईगांव, हरहुआ और चोलापुर ब्लॉकों में आलू बोया जाता है। किसान कुफरी बादशाह और कुफरी बहार तथा कुछ...