वाराणसी, अगस्त 14 -- Varanasi News: वाराणसी। बीएचयू के भारत अध्ययन केन्द्र और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शुक्रवार को दो व्याख्यान हुए। प्रथम सत्र में आनंद कुमारस्वामी पर नई दिल्ली के प्रो. आनंद वर्धन और दूसरे सत्र में 'महात्मा गांधी का भारत-बोध' विषय पर डॉ. शुभनीत कौशिक ने विचार व्यक्त किए। डॉ. शुभनीत कौशिक ने कहा कि गांधी के अनुसार भारत का मार्ग पश्चिम का मार्ग नहीं होगा। यदि भारत पश्चिम द्वारा दिखाए गए रक्तपात के रास्ते पर चलता है तो वह अपनी सभ्यता की आत्मा को खो देगा। गांधी के लिए स्वराज में आत्मशासन और आत्मसंयम आवश्यक हैं। यह भी पढ़ें- राय कृष्णदास और श्यामजी कृष्ण वर्मा के योगदान पर विमर्श केवल कुछ लोगों द्वारा सत्ता हासिल कर लेना सच्चा स्वराज नहीं है। इससे पहले बीआर आंबेडकर विश्वविद्य...