वाराणसी, सितम्बर 10 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। करीब 133 साल पहले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने सार्वजनिक गणेश पूजा शुरू की थी। इसका उद्देश्य जनजागरण के जरिए स्वराज प्राप्ति था। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अब विषय भले बदल गया है, आधार जनजागरण ही है। इस बार गणेशोत्सवों में साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। 'ओ माई फ्रॉड' ऐसा किस्सागोई कार्यक्रम होगा जो न केवल लोगों को चौंकाएगा बल्कि साइबर अपराधों से सचेत भी करेगा। उन्हें इनसे बचने के उपाय बताएगा। अहमदाबाद के मशहूर किस्सागो सौरभ शुक्ल शहर की दो सबसे पुरानी गणेशोत्सव समितियों में किस्सागोई करेंगे। काशी की दोनों सबसे पुरानी गणेशोत्सव समितियां साइबर अपराध को आज की सबसे बड़ी चुनौती मानती हैं। उनके सदस्य मानते हैं कि लोगों को सचेत करने के लिए किस्सागोई सबसे मुफीद रास्त...