वाराणसी, अक्टूबर 1 -- Varanasi News: वाराणसी। प्रेम, स्मृति, विस्थापन और विभाजन की त्रासदी पर आधारित मर्मस्पर्शी नाटक 'इंकलाब-ए-इश्क' के मंचन के बुधवार को आश्विन नाट्य महोत्व का पर्दा गिर गया। कबीरचौरा स्थित नागरी नाटक मंडली न्यास के प्रेक्षागृह में मंचित नाटक गंभीर था लेकिन प्रदर्शन के दौरान दीर्घा में बैठे जेन-जी और जेन अल्फा श्रेणी के दर्शकों का स्वभाव हास्यास्पद बनकर उभरा। नायक-नायिका ने एक प्रेम दृश्य की शुरुआत में एक-दूसरे की ओर देखा ही था कि दर्शकों का एक बड़ा वर्ग तालियां बजाने लगा। कुछ तो ऐसे हूटिंग कर रहे थे, मानों सिनेमा के पर्दे पर कोई अटपटा दृश्य देख रहे हों। तालियों की यह गड़गड़ाहट आगे बैठे गंभीर दर्शकों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं थी। पूरे मंचन के दौरान कई बार बेमेल तालीबाजी और हूटिंग हुई। परिणामत: कुछ वरिष्ठ रंगदर्शक बी...