वाराणसी, अक्टूबर 26 -- Varanasi News: रामनगर (वाराणसी), संवाददाता। विश्वप्रसिद्ध रामलीला की वर्षों पुरानी परंपरा रविवार को तब टूट गई जब प्रभु श्रीराम समेत चारों भाई हाथी के बजाय बागम्बर बग्घी में बैठकर उपवन विहार के लिए रामबाग पहुंचे। इससे लीलाप्रेमियों में मायूसी है। दरअसल, पिछले दिनों बिदके हाथी के हमले में आजमगढ़ के महावत की जान चली गई थी। इससे यहां आये अन्य महावत अपने हाथी लेकर चले गए। नतीजा, शेष लीलाएं बिना हाथी करानी पड़ रही है। उधर, महावतों ने साफ किया कि वे खौफ की वजह से नहीं गए। हाथी बिदकने की घटना के बाद प्रशासन ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। लिहाजा, उन्होंने रामलीला से दूरी बनाने में भलाई समझी। रविवार को चारों भाइयों की सवारी रामबाग के लिए निकली...लेकिन, यह क्या? वे हाथी के बजाय बागम्बर बग्घी में बैठे थे। यह देख लीलाप्रेमी...