वाराणसी, सितम्बर 28 -- Varanasi News: चिरईगांव। जाल्हूपुर की रामलीला में रविवार को तीसरे दिन महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचते हैं। राजा दशरथ उन्हें यथोचित सम्मान देकर उनके आगमन का प्रयोजन पूछते हैं। राक्षसों के उत्पात से व्यथित गुरुवर यज्ञ रक्षा के लिए उनसे श्रीराम-लक्ष्मण मांगते हैं। राजा दशरथ उनके आदेश का पालन करते हुए दोनों पुत्र उन्हें सौंप दिया।

महर्षि का आशीर्वाद श्रीराम-लक्ष्मण ने ताड़का और सुबाहु का वध कर यज्ञ रक्षा करते हैं। महर्षि के साथ दोनों भाई आगे बढ़ते हैं। रास्ते में प्रभु श्रीराम शापित अहिल्या का उद्धार करते हैं। इसके बाद मां गंगा का दर्शन-पूजन कर वे नाव से पार उतरते हैं।

जनकपुर में आगमन दोनों भाई अपने गुरुवर के साथ जनकपुर नगरी में प्रवेश करते हैं। महर्षि विश्वामित्र के आगमन का समाचार मिलते ही राजा जनक अपने मंत्रिमंडल...