वाराणसी, अगस्त 4 -- Varanasi News: वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आदि शंकराचार्य अस्सी में स्थापित पूर्वाम्नाय दक्षिणामूर्ति मठ में मंगलवार को चातुर्मास कार्यक्रम हुआ। प्रातः मंगला आरती के बाद भगवान दक्षिणामूर्ति का पूजन, आरती और रुद्राभिषेक किया गया। मठ के वेदपाठी विद्यार्थियों ने श्रीदक्षिणामूर्ति स्तोत्र का पाठ भी किया। शिवमहापुराण की कथा के महात्म्य की व्याखा करते हुए दंडी संन्यासी स्वामी वनवैभवारण्य सरस्वती ने कहा कि अमृतपान से इस लोक में जीवन मिलता है, मुक्ति नहीं। लेकिन शिवमहापुराण के कथामृत का पान प्रत्यक्ष मुक्ति देने वाला है। नासदीय सूक्तम् के पाठ एवं प्रवचन के क्रम में उन्होंने कहा कि महाप्रलय के समय न तो असत् था और न ही सत्, बल्कि दोनों से विलक्षण अनिर्वचनीया शक्ति की विद्यमानता ही मान्य है, जो वेदान्त प्रसिद्ध माया है। कार्यक्रम ...