वाराणसी, जुलाई 6 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट की ओर से रविवार को लमही में 'सुनो मैं प्रेमचंद' के 1966वें दिवस का आयोजन हुआ। युवा रचनाकार शिवांश विश्वकर्मा ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी 'उन्माद' का पाठ किया। कहानी पाठ के बाद ट्रस्ट के संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद, डॉ. रामसुधार सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, फादर आनंद और निदेशक राजीव गोंड ने शिवांश का सम्मान किया। प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि प्रेमचंद की कहानी 'उन्माद' भारतीय संस्कारों की श्रेष्ठता स्थापित करती है। प्रेम, क्षमा और परिवार के महत्व को रेखांकित करती है। डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि 'उन्माद' में प्रेमचंद ने मानव मन की गहराइयों, प्रेम की शक्ति, सामाजिक बंधनों की कठोरता और मानसिक पीड़ा का यथार्थ चित्रण किया है। यह भी पढ़ें- Varanasi News: 'घासवा...