वाराणसी, अक्टूबर 10 -- Varanasi News: पिंडरा (वाराणसी), संवाद। मानसिक स्वास्थ्य सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र का मसला नहीं है, यह रोजमर्रा के संघर्ष से भी जुड़ा है। बुनियादी सुविधाएं न होने, योजनाओं के लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने और संविधान प्रदत्त अधिकारों के धरातल पर फलीभूत न होने से लोग नाराज-दुखी होते हैं। इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। वे अवसाद और तनाव के शिकार होते हैं। ये बातें शनिवार को उड़ान फाउंडेशन के विशेष जागरूकता कार्यक्रम में उभरीं। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर कठिराव और जंगलपुर की मुसहर बस्ती में संस्था के कार्यक्रम में महिलाएं-बच्चे शामिल रहे। महिलाओं ने बड़ी बेबाकी से अपना दर्द बयां किया। यह भी पढ़ें- Agra News: मानसिक रुप से बीमार व्यक्ति भी मुफ्त कानूनी सहायता के हकदार मुसहर बस्ती की महिलाओं ने बताया कि उ...