वाराणसी, जुलाई 19 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी, शनिवार को रथयात्रा मेले के अंतिम दिन जगन्नाथ महाप्रभु ने स-कुटुंब श्वेतांबर धारण कर भक्तों को दर्शन दिया। दोपहर के भोग के बाद पट खुले तो मेघ भी घिर आए। मानों उन्होंने प्रभु के रथ के ऊपर श्यामवर्णी छत्र बना दिया हो। बूंदाबादी के बीच मेले के अंतिम दिन सभी परंपराएं निर्बाध रूप से निभाई गईं। प्रभु का दर्शन करने आए हर भक्त के मन में रथ स्पर्श की लालसा दिखी। रथ के किसी भी हिस्से को छूकर सभी निहाल हुए। मेले के तीसरे और अंतिम दिन भोर में 5:11 बजे पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने मंगला आरती की। जय जगन्नाथ के उद्घोष के साथ पट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं ने कतार लगा ली थी। बेला की कलियों से सुसज्जित विग्रहों और गुलाब के फूलों एवं हरी पत्तियों से सजे रथ की शोभा को श्रद्...