वाराणसी, जुलाई 11 -- Varanasi News: वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। मौसम की मार से इस बार आम की पैदावार लगभग 30 फीसदी घट गई है। इससे आम उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, निर्यात भी मामूली हुआ है। इसकी वजह से आम को स्थानीय बाजार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में खपाना पड़ा। जिले में 900 हेक्टेयर में आम के बगीचे हैं। यहां का लंगड़ा आम देश-विदेश में मशहूर है तो दशहरी, चौसा, रामखेड़ा किस्में भी अपनी खूबियों के चलते बाजार में जगह बनाए हुए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल 200 से 250 मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है। खाड़ी देशों और मध्य एशिया के देशों में आम का खासकर निर्यात किया जाता है।

मौसम का प्रभाव अबकी कई बार आई आंधी की वजह से काफी संख्या में आम के बौर गिर गए। जिन पेड़ों में टिकोरे बन चुके थे, उनका भी नुकसान हुआ। इसका असर उत्पादन पर पड़ा। जिल...