वाराणसी, जुलाई 7 -- Varanasi News: वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू में यूनेस्को पीस चेयर और मालवीय शांति अध्ययन केंद्र की तरफ से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन समापन सत्र में आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने शिक्षकों को 'विश्वामित्र' की संज्ञा दी। कहा कि उनका दायित्व विद्यार्थियों को समकालीन चुनौतियों का विवेक, संवेदनशीलता एवं नैतिक दृष्टि के साथ सामना करने के योग्य बनाना है। '21वीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में शिक्षा का पुनर्परिकल्पन' विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. पात्रा ने कहा कि यद्यपि ज्ञान निरंतर विकसित होने वाली प्रक्रिया है। यह भी पढ़ें- Varanasi News: 'प्रमाण पत्र नहीं, चिंतन हो शिक्षा का उद्देश्य' फिर भी भारतीय ज्ञान...