वाराणसी, अक्टूबर 2 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। भगवान को पाने के लिए सबसे पहले मन में विश्वास जरूरी है। बिना विश्वास के भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। ये बातें पं.रविशंकर पाठक ने कहीं। वह गोवर्धन पूजा समिति एवं हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी के सहयोग से मुकीमगंज स्थित शंकर सरदार का बाड़ा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान गुरुवार को प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भक्ति के मार्ग में पहले विश्वास जागृत होता है। उसके बाद प्रेम की अनुभूति होती है। जब मन में भगवान के प्रति विश्वास और प्रेम उत्पन्न होता है तभी व्यक्ति पूरी तरह प्रभु के प्रति समर्पित हो पाता है। यह भी पढ़ें- Aligarh News: मैं तेरे ही भरोसे सागर में नैया... भक्ति का स्वरूप समझाते हुए कहा कि भक्ति केवल शास्त्रों के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास, प्रेम ...