वाराणसी, अक्टूबर 11 -- Varanasi News: वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। आईटी सेल के रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) की मनमानी से पूर्वांचल में समय से बिजली बिल नहीं बन पाता है। आलम यह है कि आरएमएस अफसर पूरी तरह लापरवाह हो चुके हैं। उनकी लेटलतीफी का नतीजा है कि हर महीने बिलिंग में देरी होती है। वे अपने सीनियरों के आदेश ठेंगे पर रखते हैं। खामियाजा बिजली उपभोक्ता भुगतते हैं। बता दें कि पूर्वांचल डिस्कॉम के एमडी संदीप कुमार के कड़े निर्देश के बाद भी अक्तूबर में करीब पांच पांच लाख उपभोक्ताओं का बिल समय से नहीं बन सका। नियमत: महीने की नौ-दस तारीख तक बिल बन जाना चाहिए। सितंबर में भी ऐसी ही लापरवाही की गई। बिजली बिल बनने में देरी का असर विभाग की राजस्व वसूली पर पड़ता है। सितंबर में लगभग 12 लाख उपभोक्ताओं के बिल पांच दिन देर से बनाए गए थे। इससे उपभोक्...