वाराणसी, जुलाई 10 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जब, जहां, जिसके भी साथ सीखने का मौका मिले उस मौके को दोनों हाथों से लपक लेना चाहिए। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है आनंद कानन गुरुकुल के नृत्य प्रशिक्षुओं ने। यह भी पढ़ें- Varanasi News: नृत्य नाटिका में हुए काशी की परंपराओं के दर्शन कार्यशाला का आयोजन गुरुकुल की ओर से आयोजित कार्यशाला में सास, बहू और पोती ने एक ही कक्षा में साथ-साथ शास्त्रीय नृत्य शैलियों का प्रशिक्षण पाया और एक साथ ही उसका प्रदर्शन भी किया। पहले दिन तीसरी पीढ़ी के बालवय प्रतिनिधियों की प्रस्तुति के बाद दूसरे दिन गुरुवार को पहली और दूसरी पीढ़ी के प्रशिक्षुओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कथक और भरतनाट्य जैसी अतिरिक्त श्रमसाध्य नृत्य विधाओं को प्रशिक्षुओं ने पूरी शिद्दत के साथ आत्मसात क...